कीर्ति आजाद के विवादित बयान पर जब उठे सवाल तो यू टर्न ले खुद का किया बचाव

अभी अभी बीजेपी का हाथ छोड़ कांग्रेस का हाथ थामने वाले कीर्ति आजाद खुद के बयान से विपक्षी के कठघरे में आ फंसे, दरअसल अपने पहले जनसभा में उन्होंने कहा था कि कि उनके पिता के समय भी बूथ कैपचरिंग होती थी और 1999 में उनको भी जिताने के लिए बूथ कैपचरिंग की गई थी यह बात कीर्ति आजाद को बैकफुट पर लाने के लिए काफी था और विपक्षी के द्वारा कांग्रेस पार्टी को घेरने के लिए भी बहुत था क्योंकि फिलहाल ही कांग्रेस पार्टी कहती आ रही थी कि EVM में हो रही गड़बड़ी पर उसे भरोसा नहीं रहा ईवीएम में हो रही गड़बड़ी को फिर से खत्म करने के लिए वॉलेट पेपर से चुनाव करवाने को लेकर कांग्रेस चुनाव आयोग पर दबाव बनाती रही है और साथ ही विपक्षी को ईवीएम को लेकर घेरती रही है लेकिन उनके नए साथी कीर्ति आजाद के इस बयान ने उनको बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया है अब जब विपक्षी ने इस बयान पर कांग्रेस को घेरना चालू किया तब जाकर कीर्ति आजाद को भी समझ आ गया कि उनकी यह बयान विपक्षी ने टेढ़े हाथ ले लिया है ।



इतनी बड़ी मुद्दे को बनते देख कीर्ति आजाद ने माफी मांगी उन्होंने कहा कि यह बयान उन्होंने हंसी मजाक में दे दिया था उन्होंने इस बात का सफाई देते हुए कहा कि उनका तात्पर्य बूथ लूटने की बात से नहीं था, उन्होने कहा हमारा मतलब बूथ मैनेजमेंट से है। उन्होंने कहा कि उन्हें क्या मालूम था कि इस तरह बाल की खाल निकाली जाएगी?

फिर उन्होंने जमकर बीजेपी और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो हमेशा अनेकों जुमला फेंकते रहते हैं। सच को झूठ और झूठ को सच बनाते रहते हैं। उन्होंने न जाने क्या-क्या बातें कहीं, मगर किसी ने उनपर तो कोई सवाल नहीं उठाया। जबकि हमारी इतनी सी बात पर बखेड़ा शुरू हो गया है। यदि मुझसे गलती हुई है तो मैं क्षमा मांगता हूं।

आखिर क्या था खबर जाने कीर्ति आजाद ने क्या विवादित बयान दिया था

Post a comment

आपके प्यार और स्नेह के लिए धन्यवाद mithilatak के साथ बने रहे |

Whatsapp Button works on Mobile Device only