पाकिस्तानी मेजर गफूर ने कहा, निश्चित रूप से भारत को जवाब देंगे, ऐसा जवाव देंगे कि भारत याद रखेगा !


दिल्ली ;- पाकिस्तानी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि भारतीय वायु सेना के जेट विमानों ने तीन अलग-अलग मार्गों के माध्यम से पाकिस्तान के अंदर जाने की कोशिश की !

क्या था खबर

आपको बता दे कि आज सुबह 12 भारतीय वायु सेना के मिराज -2000 जेट्स ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर बालाकोट सहित जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानो को नष्ट कर दिया मिले सूत्रों के हवाले से यह पता चला हैं कि 1000 kg बम आतंकी ठिकानो पर भारतीय वायुसेना ने बरसाए जिस से ३०० से ज्यादे आतंकी मारे गये !
बौखलाया क्यो हैं पाकिस्तान

पाकिस्तानी मेजर आसिफ गफूर इस्लामाबाद में प्रेस को बताया कि वे निश्चित रूप से भारत को जवाब देंगे और ऐसा जवाव देंगे कि भारत याद रखेगा "गफूर ने कहा" प्रतिक्रिया आएगी और अलग तरह से आएगी अब आपकी बारी है तैयार हो जाओ। 
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर), पाकिस्तान सशस्त्र बलों की मीडिया विंग है।

गफूर ने यह भी पुष्टि की कि भारतीय जेट नियंत्रण रेखा को पार कर पाकिस्तान में पहुंच गए। महानिदेशक आईएसपीआर ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने तीन अलग-अलग मार्गों से पाकिस्तान के अंदर जाने की कोशिश की थी गफूर ने दावा किया कि लाहौर-सियालकोट सेक्टर की सीमा की ओर बढ़ते हुए एक भारतीय प्लेन का पता चला था जो कि किरन घाटी से मुज़फ़्फ़राबाद सेक्टर की ओर जाते हुए देखा गया।
एलओसी पार करने के भारत के दावे की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा, “वे एलओसी के अंदर 40-५० km की दूरी पर आ गए , लेकिन हमारे जवानों ने अपनी क़ाबलियत दिखाई तो वो भागने में सफल हुई !

हम भारत को सबक देंगे ।
पाकिस्तान के भविष्य के कार्रवाई के बारे में, गफूर ने कहा, "बुधवार को संसद का एक संयुक्त सत्र है, जिसके बाद हमने राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण की बैठक के लिए बुलाया है। मुझे आशा है कि आप जानते हैं कि इसका क्या मतलब है। ”
प्रमुख जनरल ने कहा कि भारत ने युद्ध का रास्ता चुना है। भारत पर प्रहार करने के कारण पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, "भारत का उद्देश्य यह साबित करने के लिए नागरिक क्षेत्रों को लक्षित करना था कि उन्होंने आतंकवादी संगठनों को नष्ट कर दिया है।"
पाकिस्तान ने तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हमने उनके विमान को नहीं गिराया क्योंकि हम भारत को बेनकाब करना चाहते थे। उन्होंने कहाँ वे यहां सूखा जलाने के लिए आए थे,

भारतीय विदेश सचिव का प्रेस वार्ता

भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, बालाकोट में सबसे बड़े JeM शिविर में बड़ी संख्या में JeM आतंकवादियों, प्रशिक्षकों और वरिष्ठ कमांडरों को हटा दिया गया।
भारतीय अधिकारियों ने दावा किया है इस शिविर का नेतृत्व मौलाना यूसुफ अज़हर उर्फ ​​उस्ताद गौरी, जेएम प्रमुख मसूद अजहर के बहनोई कर रहे था। शिविर एक पहाड़ी पर स्थित था, जिसमे आम लोगो को कोई खतरा नही हुआ हैं !

अब देखने वाली बात होगी कि उसकी क्या करवाई होती हैं आपको बता दे कि हमारी सेना पाकिस्तान को मुह तोड़ जवाव देने के लिए तैयार हैं !

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